दत्तक ग्रहण का साधारण प्रारूप | Simple form of adoption
दत्तक ग्रहण का साधारण प्रारूप
यह दत्तक विलेख पत्र आज दिनांक 16-5-91 को निम्न पक्षकारों के मध्य तहरीर यो तकमील किया गया
रामचन्द्र पुत्र श्री सोहनलाल जाति जोशी उम्र 51 साल, निवासी जोधपुर, ठिकाना जालोरी गेट के अन्दर, जोधपुर । जिन्हें आगे इस विलेख में प्रथम पक्ष के नाम से सम्बोधित किया जायेगा।
एवं
श्री मुरलीधर पुत्र श्री सोहनलाल जाति जोशी निवासी जोधपुर, ठिकाना जालोरी गेट के अन्दर, जोधपुर जिन्हें आगे इस विलेख में द्वितीय पक्ष के नाम से सम्बोधित किया जायेगा।।
कि प्रथम पक्ष के विवाह हुए करीब 32 साल हो चुके है और प्रथम पक्ष के कोई जीवित पुत्र अथवा पुत्री नहीं है और अब प्रथम पक्ष के कोई औलाद होने की उम्मीद भी नहीं है। इसलिये प्रथम पक्ष अपने मकान को खुला रखने, अपने नाम एवं वंश को आगे बढ़ाने एवं अपनी जायदाद को सुचारू रूप से देखभाल व्यवस्था करने एवं जायदाद का सही उपयोग हेतु एक पुत्र को दत्तक लेना चाहता है।
कि द्वितीय पक्ष के चार पुत्र हैं तथा द्वितीय पक्ष के इन चार पुत्रों में से द्वितीय पक्ष का तीसरा पुत्र चि. रमेश जोशी को प्रथम पक्ष गोद लेना चाहता है और द्वितीय पक्ष भी अपने तीसरे पुत्र चि. रमेश जोशी को दत्तक देने को सहमत है।
अतएव अब यह विलेख साक्ष्यांकित करता है कि
1. प्रथम पक्ष के कोई जीवित पुत्र नहीं है और प्रथम पक्ष द्वितीय पक्ष के तीसरे पुत्र रमेश को गोद लेना चाहते हैं जिसे द्वितीय पक्ष ने स्वीकार किया है।
2. कि प्रथम पक्ष की पनि श्रीमति गंगा ने भी द्वितीय पक्ष के तीसरे पुत्र रमेश को गोद लेने की अपनी सहमति प्रथम पक्ष को दे दी है।
3.कि द्वितीय पक्ष की पत्नि श्रीमति देवी ने भी अपने तीसरे पुत्र रमेश को प्रथम पक्ष को गोद देने में अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
4. यह कि रमेश को गोद लेने का सारा कार्यक्रम एक समारोह के रूप में सामाजिक रीति रिवाज के अनुसार पक्षकारान के दोस्तों, मित्रों, रिश्तेदारों, संबंधियों तथा अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रथम पक्ष के मकान पर दिनांक 15-3-95 को सम्पन्न किया जा चुका है।
5. कि दत्तक कार्यक्रम के समारोह के समय सामाजिक रीति रिवाज के अनुसार दोस्तों, मित्रों, संबंधियो, रिश्तेदारों, पड़ौसियों में मिठाईयाँ बांटी गयी और द्वितीय पक्ष ने अपने तीसरे पुत्र रमेश को प्रथम पक्ष की गोद में सबके सामने रखा। इस प्रकार तमाम दत्तक की कार्यवाही सम्पन्न की गयी।
6.कि आज इस दत्तक विलेख के निष्पादन से रमेश प्रथम पक्ष का दत्तक पुत्र है और आज से रमेश प्रथम पक्ष का पुत्र कहलायेगा।
7. कि आज से रमेश को वे तमाम हक, हकूक एवं अधिकार प्राप्त होंगे जो मेरे जायन्दा पुत्र को होते।
8. कि द्वितीय पक्ष का आज से रमेश पर कोई अधिकार नहीं होगा और रमेश ही मेरी तमाम चल-अचल सम्पत्ति का वारिस, उत्तराधिकारी माना जायेगा। रमेश का द्वितीय पक्ष की चल अचल सम्पत्ति पर कोई हकअधिकार नहीं होगा।
लिहाजा यह दत्तक ग्रहण का विलेख आज प्रथम पक्ष ने द्वितीय पक्ष के पुत्र रमेश को दत्तक ग्रहण करस्वेच्छा एवं स्थिर चित की हालत में बिना किसी नशे पत्ते एवं बेजा दबाव के स्वेच्छा एवं स्थिर चित की हालत मेंपढ़, सुन समझ कर तहरीर वो तकमील कर निम्न साक्षियों के समक्ष हस्ताक्षरित कर दिया है जो लिखे माफिकसही और सनद रहे तथा वक्त जरूरत काम आवे। इति दिनांक 16-5-9
द्वितीय पक्ष..................... प्रथम पक्ष..........................
(पत्नी द्वितीय पक्ष) (पत्नी प्रथम पक्ष)
साक्षी..............
साक्षी..............

