राज्य खर्चे पर व्यक्तियों को विधिक सहायता
1. विधिक सहायता - जहाँ अभियुक्त का विचारण में बहस के लिये प्रतिनिधितव नहीं किया जा रहा है, ऐसे अभियुक्त को अपने स्तर पर विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 एवं समय समय पर इसके अधीन बनाये गये नियमों के अधीन विधिक सहायता प्रदान किये जाने के लिये शिघ्रता से निर्णय किया जाने के लिये मामला विधिक सेवा प्राधिकरण को संदर्भित किया जायेगा।
(2) विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 एवं इसके अधीन समय समय पर बनाये गये नियमों के प्रावधानों के अधीन प्राप्त किये जाने के लिये पात्र हर किसी व्यक्ति को विधिक सहायता प्रदान की
2. विधिक सहायता के अन्तर्गत निरीक्षण अथवा प्रतिलिपियाँ निःशुल्क प्रदान करना -
(1) वह व्यक्ति जिसे विधिक सहायता प्रदान की गई है अथवा उसके अधिवक्ता निम्नलिखित दस्तावेजों की प्रतिलिपियों को निःशुल्क प्राप्त करने का अधिकारी होगा :-
(i) (क) वाद के साथ प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ, यदि यह व्यक्ति प्रतिवादी है,
(ख) अभिवचन, कथन, दस्तावेज, निर्णय तथा आदेशों आदि की प्रमाणित प्रतिलिपियाँ भी निःशुल्क दी जाएंगी। इस संदर्भ में यदि कोई आवेदन प्राप्त हुआ है तो, प्राथमिकता केआधार पर उच्चतम न्यायालय की, उच्च न्यायालय की अथवा जिला न्यायालय की विधिक सहायक समिति को, जैसी भी स्थिति हो, निःशुल्क दी जाएगी।
(ii) यदि वह व्यक्ति वादी है तो दस्तावेजों के आधारभूत दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ, तथा
(iii) अन्य दस्तावेजों की प्रतिलिपियाँ जिन्हें सारपूर्ण समझा गया है।
(2) वह व्यक्ति जिसे विधिक सहायता प्रदान की गई है अथवा उसके अधिवक्ता निरीक्षण से संबंधित नियमों के अनुसार मामले के अभिलेख का निरीक्षण निःशुल्क करने का अधिकारी होगा।

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