साधारण नियम ( सिविल एवं दाण्डिक ) संसोधन 2020
आदेश - 2
अभिलेखों का निरिक्षण
1. निरीक्षण के लिए पृथक् कक्ष - प्रत्येक न्यायालय का पीठासीन अधिकारी अथवा एक ही स्थान पर अवस्थित एक से अधिक न्यायालयों के अभिलेखों के निरीक्षण के लिए जहाँ केन्द्रीकृत व्यवस्था है, वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी अभिलेखों के लिए एक कक्ष आवंटित करेगा तथा किसी कर्मचारी जहाँ पर केवल निरीक्षण लिपिक के रूप में नियुक्त नहीं किया गया है तो वह, अपने कर्त्तव्यों के अतिरिक्त के लिए निरीक्षण लिपिक के कार्यों का निर्वहन करने के लिए प्रतिलिपिक अथवा लिपिकों में से किसी एक को वह नियुक्त करेगा।
2.गोपनीय रीति से सूचना देने का प्रतिषेध -न्यायालय के मंत्रालयिक अधिकारी तथा अवर कर्मचारियों को यह समझा देना चाहिए कि किन्हीं भी परिस्थितियों में, नियमों के अन्तर्गत दी हुई पद्धति के बिना, किसी प्रकार की सूचना आनुग्रहिक अथवा गोपनीय रीति से दिये जाने का सख्त प्रतिषेध किया गया है।
3. कार्यालय में रखे पेपर निरीक्षण के लिए खुले नहीं होंगे कार्यालय रिपोर्ट के आधार पर पीठासीन अधिकारी के लिखित आदेश के अलावा, न्यायिक अभिलेख से इतर कागजों का निरीक्षण नहीं किया जा सकेगा।
4. कार्यालय में पेपर्स का निरीक्षण-पीठासीन अधिकारी द्वारा लिखित आदेश पर हस्ताक्षर किये जाने की स्थिति के अतिरिक्त, पीठासीन अधिकारी या न्यायालय के किसी अधिकारी से अन्य किसी भी व्यक्ति द्वारा, कार्यालय में रखे गये पेपर्स का अथवा अधिकारी की अभिरक्षा में रखे गये पेपर्स अथवा अभिलेख का निरीक्षण नहीं किया जा सकेगा;परन्तु प्रथमतः, पीठासीन अधिकारी अपने विवेक से उस हेतु लिखित आदेश न देते हुए भी वाद के पक्षकार अथवा उसके अधिवक्ता को न्यायालय कक्ष में रखे हुए अभिलेखों का, लम्बित मामले की सुनवाई की तिथि को,निरीक्षण करने की अनुज्ञा दे सकता है; और परन्तु द्वितीयक, लिखित आवेदन अथवा आदेश के बिना, सुनवाई की तिथि को, ज्ञापन पुस्तक अथवा (पेशी की पंजिका) निरीक्षण के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
5. निरीक्षण के लिए आवेदन -नियम 4 के प्रावधान में उल्लिखित स्थिति के अतिरिक्त अभिलेख अथवा अभिलेख में रखे गये कोई पेपर के निरीक्षण के लिए अथवा पुस्तक पंजिका के निरीक्षण के लिए, स्टाम्प लगे लिखित आवेदनों को छोड़कर, कोई आदेश नहीं दिया जाएगा, परन्तु सरकार के लिए किये जाने वाले निरीक्षण के आवेदन अथवा अभियुक्त अभिरक्षा में हैं या किसी व्यक्ति के पास निःशुल्क विधिक सहायता की रसीद है, पर कोई स्टाम्प नहीं लगाया जाएगा।
6.कार्यालय में रखे पेपर निरीक्षण के लिए खुले नहीं होंगे कार्यालय रिपोर्ट के आधार पर पीठासीन अधिकारी के लिखित आदेश के अलावा, न्यायिक अभिलेख से इतर कागजों का निरीक्षण नहीं किया जा सकेगा।
7. वाद के पक्षकार द्वारा निरीक्षण के लिए आवेदन-न्यायालय में मामला, अपील अथवा अन्य कार्यवाही के पक्षकार और ऐसे पक्षकार के अधिवक्ता,प्राधिकारी,जिसने सम्यक रूप से वकालातनामा या मुख्तयारनामा प्रस्तुत किया हो तो वह, ऐसे मामले के अभिलेख अथवा किसी कागजात के निरीक्षण करने के आदेश के लिए आवेदन कर सकता है।
8. गैर-पक्षकार के द्वारा निरीक्षण के लिए आवेदन -
(1) जिस व्यक्ति पर नियम 6 लागू न होता हो ऐसा कोई व्यक्ति वाद, अपील अथवा अन्य कार्यवाही के अभिलेख अथवा पेपर के निरीक्षण के आदेश के लिए आवेदन कर सकता है।
(2) ऐसा व्यक्ति साक्ष्य में रखे प्रदर्शों का न तो निरीक्षण के आदेश प्राप्त करने का अधिकारी होगा और न ही किसी भी परिस्थिति में उन प्रदर्शी, जिन्हें प्रस्तुत कने वाले अथवा उसके उत्तराधिकारी के हित में उनकी लिखित स्वीकृति के साथ साक्ष्य में रखा गया है, उसके निरीक्षण की उसे स्वीकृति दी जाएगी।
9. आवेदन का प्रपत्र तथा शुल्क -
(1) अभिलेख के निरीक्षण के लिए प्रत्येक आवेदन विहित प्रपत्र (प्र. 102) में लिखित में होगा तथा उसमें निम्न विवरण रहेगा:-
(क) आवेदक का नाम तथा विवरण तथा वाद अथवा कार्यवाही में (यदि कोई हो तो) उसकी स्थिति;
(ख) अभिलेख से संबंधित निम्न विवरण जिसका निरीक्षण वांछित है:-
(i) मामले का संख्यांक तथा वर्ष;
(ii) न्यायालय का नाम,
(iii) मामले का शीर्षक,
(iv) मामले की, यदि विनिश्चय किया गया तो निपटारे की तथा लम्बित हो तो सुनवाई की तिथि ।
(2) अभिलेख के निरीक्षण के लिए शुल्क न्यायालय शुल्क स्टाम्प के रूप में निम्नलिखित परिमाण में से भुगतान किया जाएगा :- (i) साधारण (ii) आवश्यक - '| 1/- रु.] - 12.5/- रु.]
(न्यायालय फीस अधिनियम में संशोधन के अध्यधीन)
(3) निरीक्षण के साधारण आवेदन पर निरीक्षण आवेदन की तिथि के दूसरे दिन अथवा आदेश में उल्लिखित किसी परवर्ती तिथि को अनुज्ञात किया जाएगा। फिर भी अत्यावश्यक आवेदन आवेदन की तिथिी के उसी दिन या अगले कार्यालयीन दिन अनुज्ञात किया जायेगा
(4) ऐसे आवेदन के प्रस्तुत किये जाने पर, पंजिका संख्या 202 कालम संख्या 1 से 11 में प्रविष्टि की जायेगी।
1. अधिसूचना सं. 01/एस.आर.ओ./2020 दिनांक 26.2.2020 द्वारा "2/- रु." के स्थान पर प्रतिस्थापित
2. अधिसूचना सं. 01/एस.आर.ओ./2020 दिनांक 26.2.2020 द्वारा "5/-रु." के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
10. एक अभिलेख या रजिस्टर से अधिक के निरीक्षण के लिए प्रार्थना-पत्र-प्रत्येक अभिलेख या रजिस्टर के निरीक्षण के लिए अलग प्रार्थना-पत्र किया जायेगा। इस नियम के प्रयोजनों के लिए अपीलीय न्यायालय का और अधीनस्थ न्यायालय का या उसी मामले से सम्बन्धित न्यायालयों का अभिलेख एक अभिलेख के रूप में माना जायेगा।
11. विधि व्यवसायी के क्लर्क द्वारा अभिलेखों का निरीक्षण - विधि व्यवसायी के क्लर्क द्वारा अभिलेखों का निरीक्षण अनुज्ञात नहीं है। हालांकि, पंजीकृत क्लर्क को किन्हीं ऐसे पेपरों,जिनका विधि व्यवसायी द्वारा निरीक्षण किया जाता है, की पेंसिल से सम्पूर्ण प्रतिलिपि बनाने की अनुमति दी जा सकेगी। हालांकि, ऐसा क्लर्क निरीक्षण कक्ष से प्रत्याहत हो जायेगा, जैसे ही स्वीकृत समय के भीतर प्रतिलिपियाँ बना ली जायें।
12. निरीक्षण की तिथि तथा समय - निरीक्षण के प्रत्येक आदेश में निरीक्षण करने की निश्चित तिथि विनिर्दिष्ट की जाएगी। एक आवेदन पर, एक ही दिन में मध्याह 02.00 से 04.00 अथवा प्रात:कालीन समय में प्रात: 8.30 से प्रातः 10.30 तक के बीच निरीक्षण की अनुमति दी जाएगी।
13. निरीक्षण के लिए आदेश - अभिलेख या पेपर के निरीक्षण के लिए प्रत्येक आदेश निरीक्षण क्लर्क को भेजा जायेगा और ऐसे आदेश में नामित व्यक्ति या व्यक्तियों को, न कि किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों को, आदेश में उल्लेखित तिथि पर, न कि किसी अन्य तिथि पर, आदेश द्वारा विनिर्दिष्ट अभिलेख या पेपर का निरीक्षण करने का हकदार करेगा। यदि नियत तिथि पर कोई भी निरीक्षण नहीं किया जाता है, तो प्रार्थना-पत्र अभिलेख के साथ फाइल कर दिया जायेगा और किसी अन्य तिथि पर निरीक्षण के लिए आवेदक को हकदार नहीं करेगा : परन्तु यदि निरीक्षण, निरीक्षण करने वाले पक्षकार की गलती से उत्पन्न कारणों से नहीं किया जा सका हो, तो उसी फीस पर निरीक्षण के लिए नया समय नियत किया जायेगा।
14. अभिलेख-पाल का कर्त्तव्य - अभिलेख-पाल अथवा अभिलेख के प्रभारी अधिकारी, नियम 12 द्वारा अपेक्षित आदेश में उल्लिखित तिथि को आदेश में वर्णित अभिलेख अथवा कागज, निरीक्षण लिपिक को देगा तथा निरीक्षण लिपिक से अभिस्वीकृति प्राप्त करेगा।
15. निरीक्षण लिपिक का कर्त्तव्य -निरीक्षण लिपिक, निरीक्षण की तिथि को तथा निरीक्षण प्रारम्भ करने से पूर्व तथा तुरन्त बाद में आज्ञानुसार आदेश की पालना की तिथि को बताने वाला ज्ञापन तैयार करेगा तथा उसी दिन, पीठासीन अधिकारी द्वारा निश्चित किये गये समय, अभिलेख तथा आदेश उस अधिकारी को लौटाएगा जिससे उसने प्राप्त किये हैं। ऐसे कर्मचारी का अधिकारी उसे लौटाये गये आदेश को तुरन्त पत्रावली में संलग्न करेगा तथा पत्रावली में इस प्रकार के आदेश के अनुसार संलग्न किये गये कागज अथवा अभिलेख फिर से निरीक्षण के लिए जारी नहीं करेगा। निरीक्षण लिपिक की उपस्थिति में निरीक्षण किया जाएगा, यह पत्रावली लौटाने से पूर्व अभिलेख का परीक्षण करेगा तथा संतुष्ट होगा कि अभिलेख में वे सब कागजात हैं, जो निरीक्षण से पूर्व थे।
16. निरीक्षण रजिस्टर -निरीक्षण क्लर्क विहित प्ररूप में निरीक्षण रजिस्टर रखेगा (प्ररूप सं. 202) । के संबंधित कालम में प्रविष्टि करेगा। अभिलेख के निरिक्षण के पश्चात्त पंजिका संख्या 202
17.निरीक्षण के दौरान कलम, स्याही तथा इलेक्ट्रोनिक डिवाइस का उपयोग वर्जित है -
(1) निरीक्षण करने वाले किसी भी व्यक्ति को जिस कक्ष में निरीक्षण किया जा रहा हो, कोई कलम, स्याही तथा इलेक्ट्रोनिक डिवाइस लाने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी।
(2) निरीक्षण करने वाले किसी भी व्यक्ति को, कोई कलम, स्याही तथा इलेक्ट्रोनिक डिवाइस उपयोग करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी।
(3) अभिलेख का निरीक्षण करने वाले किसी व्यक्ति को, निरीक्षण किये जाने वाले अभिलेख या कागज पर कोई चिन्ह करने अथवा उन्हें विकृत करने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी।
(4) अभिलेख का निरीक्षण करने वाले किसी व्यक्ति को, अभिलेख की फोटोग्राफ लेने या किसी इलेक्ट्रोनिक डिवाइस द्वारा अभिलेख को स्केन किये जाने की अनुज्ञा नहीं दी जाएगी। तथापि, वह चाहे तो, निरीक्षण किये जाने वाले किन्हीं कागजों की पूरी प्रतिलिपियाँ पेंसिल से, दियेगये समय के भीतर कर सकता है।

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